
नैना की गालियां सुनकर रघु की हंसी छूट गई थी, इस तरह की गालियां उसने अपनी जिंदगी में कभी नहीं सुनी थी और वो अपनी हंसी को रोक नहीं पा रहा था।
वही नैना हैरानी से उसकी तरफ देख रही थी, उसे तो डर लग रहा था कि कहीं उसकी गालियां सुनकर रघु उसे डांट ना दे? उसे सुना ना दे? कहीं ऐसा ना हो कि वो उसे इस घर से ही बाहर निकाल दे? लेकिन यहां तो रघु जोरों से हंस रहा था।




















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