
रघु अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से सामने की तरफ देख रहा था जहां मधु बाई अपनी चारपाई पर बैठी थी और उसके सामने ही नैना नीचे जमीन पर गिरी हुई थी, नैना के दोनों हाथों को मधु बाई के लोगों ने पकड़ रखा था! एक तरफ सोनू था तो दूसरी तरफ रमेश नाम का आदमी था…
उन्हें देखते हुए रघु ने अपने हाथ रेलिंग पर पूरी तरह से कस लिए थे, उसके जबड़े भी एकदम कस चुके थे और वो अब जोरों से चिल्लाया “मधु बाई…




















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