
जैसे ही व्योक्षा की आंखें खुली पहले तो उसे कुछ समझ ही नहीं आया कि वो कहां है और कहां नहीं? उसे वो जगह अजीब लगी क्योंकि वो जगह डार्क विला की नहीं थी बल्कि इस वक्त वो कोठारी विला थी।
वो अपनी जगह पर उठकर बैठी और अब उसकी नज़रें इधर-उधर घूम रही थी, वो अपनी कांपती हुई आवाज में बोली "Little Don कहां है आप? आप मेरे पास ही है ना? मुझे पता है आप मेरे पास ही होंगे, मुझे छोड़कर आप नहीं गए होंगे! आप इतने भी पत्थर दिल नहीं है कि मुझे इस तरह से छोड़कर चले जाएं!”




















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