
रघु लड़खड़ाते हुए कदमों से बार रूम से बाहर निकला और फिर सीढ़ियां चढ़ते हुए ऊपर की तरफ जाने लगा, लेकिन तभी उसे याद आया कि नैना ऊपर अपने रूम में नहीं है! वो दोनों तो सीढ़ियों से नीचे गिरे थे इसलिए अब वो उस रूम की तरफ बढ़ गया जहां पर उसने नैना को लिटाया था।
जैसे ही वो अंदर की तरफ आया उसकी नजर नैना पर गई जो अभी भी बिस्तर पर लेटी हुई थी और बिल्कुल वैसे ही लेटी हुई थी जैसे रघु उसे छोड़कर गया था! उसने अपने कपड़े तक नहीं पहने थे और अपनी पीठ को सीधा भी नहीं किया था, उसकी पीठ पर जो दवा रघु ने लगाई थी वो अब ऑलमोस्ट सूख चुकी थी।




















Write a comment ...