
आराध्या की बात सुनकर दक्षम के होठों पर तिरछी मुस्कुराहट थी, वो अब बिस्तर से उठा और उसकी तरफ देखते हुए बोला "यू नो व्हाट Dirty Pleasure जो लोग मुझसे हार मान जाते हैं ना वो लोग मुझे बहुत पसंद आते हैं! वैसे तो मेरा मन था तुम्हें थोड़ा सा प्यार और करने का, तुम्हें अपनी गर्माहट महसूस करवाने का लेकिन अब जब तुमने हार मान ही ली है तो इट्स ओके! वो सब मैं तुम्हारे साथ बाद में भी कर सकता हूं, एक काम करो अब तुम उठो! थोड़ी देर में मैं तुम्हें दवाई देता हूं क्योंकि अब मैं तुम्हें ऐसे तो दवाई दे नहीं सकता ना, तुम्हें पहले कुछ खाना पीना होगा!”
उसकी बात पर आराध्या जल्दी से बोली "उसकी जरूरत नहीं है मिस्टर रावत, मैं यूं ही दवाई ले लूंगी! आप बस मुझे दवाई दे दीजिए प्लीज…




















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