
रोशनी होटल ताज में रूम नंबर 501 में पहुंच चुकी थी जहां पर उसने ऑलरेडी सारे अरेंजमेंट करवाए हुए थे और अब वो रूम के अंदर आई और आकर उसने बेड की तरफ देखा जहां पर फूलों से डेकोरेशन की गई थी।
उसे देखकर वो मुस्कुराई और बोली "नॉट बेड! इतनी जल्दी इतना सब कुछ हो भी गया? वेल अथर्व भी बस आता ही होगा, अब एक बार वो आ जाए और हम दोनों के बीच अच्छे से रोमांस शुरू हो जाए! उसके बाद आएगी वो बुलबुल जो अपनी आंखों से मेरे और अथर्व के रोमांस को देखेगी और फिर उसका दिल बुरी तरह से चकनाचूर हो जाएगा! बहुत गुरूर है ना उन दोनों को एक दूसरे पर? अपने रिश्ते पर अपने प्यार पर? अगर उन दोनों का ये गुरुर मैंने बुरी तरह से तोड़ नहीं दिया तो मैं भी रोशनी नहीं!” ये बोलकर उसने खुद को आईने में देखा!




















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