
अग्नि का जवाब सुनकर इश्क के दिल में जितनी भी उम्मीदें जितने भी एहसास खेल रहे थे, वो सारे एक पल में मर चुके थे! अग्नि ने बहुत ही बेरहमी से उनका कत्ल कर दिया था…
उसकी आंखों से आंसू बहने लगे थे और अग्नि ने अब अपना हाथ पीछे कर लिया, उसने इश्क की मांग में बड़ी ही खूबसूरती से सिंदूर सजाया था लेकिन सिंदूर के साथ-साथ इस वक्त उसने जो इश्क को तकलीफ दी थी वो भी बहुत शिद्दत से दी थी।




















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