
अव्यांश अफसाना के पैरों को इस कदर चूम रहा था कि अफसाना खुद को रोक ही नहीं पाई, वो तुरंत अपनी जगह से उठी और फिर सीधा अव्यांश की गोद में आ गई!
अव्यांश की गोद में आते ही उसने अपने पैरों को अव्यांश की कमर पर लपेट दिया था


अव्यांश अफसाना के पैरों को इस कदर चूम रहा था कि अफसाना खुद को रोक ही नहीं पाई, वो तुरंत अपनी जगह से उठी और फिर सीधा अव्यांश की गोद में आ गई!
अव्यांश की गोद में आते ही उसने अपने पैरों को अव्यांश की कमर पर लपेट दिया था

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