
आराध्या हैरानी से अपने फोन की तरफ देख रही थी जहां पर नाम तो उसके डैड का फ्लैश हो रहा था लेकिन नंबर उसके डैड का नहीं था, वो अपने डैड का नंबर बहुत अच्छी तरह से जानती थी! उसे उनका नंबर अच्छे से याद था लेकिन ये वो नंबर बिल्कुल भी नहीं था और अब उसे खुद पर ही गुस्सा आ रहा था कि उसने सुबह इन सब बातों पर क्यों ध्यान नहीं दिया? मतलब उसे उसके डैड के नंबर से कॉल नहीं आया था, वो कोई फेक कॉल थी और वो फेक कॉल किसी और ने नहीं दक्षम ने की थी।
उसकी आंखों से आंसू बहने लगे थे, कहां वो सोच रही थी कि बेशक से दक्षम ने आज उसके सामने शर्त रखी लेकिन फिर भी उसकी हेल्प तो कर दी! पर अब उसे समझ में आ रहा था कि दक्षम ने एक बार फिर से उसे अपने जाल में बुरी तरह से फंसा लिया है!




















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