
अन्य और राधिका दोनों इस वक्त बुरी तरह से लड़ रहे थे, अन्य राधिका को डिवोर्स दे रहा था ये बात राधिका कैसे ही बर्दाश्त कर सकती थी? इसलिए वो उस पर चिल्ला रही थी लेकिन अब अपनी बात कह कर अन्य वहां से जा चुका था।
राधिका ने गुस्से से अपनी मुट्ठियां कस ली और दांत पीसते हुए बोली "अगर मुझे पहले पता होता कि उस इश्क की वजह से ये इंसान इतना पागल हो जाएगा तो मैं पहले उसी का काम तमाम करती, लेकिन कोई बात नहीं जो पहले नहीं किया वो अब कर दूंगी! अन्य भी मेरा है और पूरी राठौर प्रॉपर्टीज भी सिर्फ और सिर्फ मेरी है, वो अग्नि तो वैसे भी यहां नहीं रहने वाला! उसकी बातों से इतना तो कंफर्म था कि वो जल्दी ही यहां से चला जाएगा तो मुझे उस पर ध्यान नहीं देना चाहिए, सब कुछ अन्य के हाथ में ही रहेगा तो मुझे अन्य पर फोकस करना है लेकिन अन्य मेरा पूरी तरह से तभी होगा जब मैं उस इश्क को रास्ते से हटाऊंगी और अब मैं उसे अपने रास्ते से हटाकर ही रहूंगी! फिर बेशक से मुझे इसके लिए कुछ भी क्यों ना करना पड़े…




















Write a comment ...