
नैना हैरानी से रघु की तरफ देख रही थी जो उसके बिल्कुल करीब खड़ा था और अब रघु ने नैना का हाथ पकड़ कर अपने Dick पर रखवा दिया था और उसके हाथ से अपने Dick को सहलाने लगा था।
नैना बस उसकी तरफ देखती रह गई, वो जल्दी से बोली "पागल हो गए हैं क्या आप रघु? सुबह-सुबह ये आप मुझसे क्या करवा रहे हैं? और आप बोल तो ऐसे रहे हैं कि मैं इसकी परेशानी दूर करूं, जैसे मैं अगर चाहूंगी तो इसकी परेशानी दूर कर दूंगी! अगर ऐसे हाथ से लगी रहूंगी ना तो तीन-चार घंटे तक इसकी परेशानी दूर नहीं होने वाली और इतने में इसका तो पता नहीं लेकिन मेरा हाथ पक्का टूट जाएगा इसलिए या तो फिर एक काम कीजिए, अगर आपको मुझसे अपनी परेशानी दूर करवानी ही है तो उधर पलंग पर चले क्या? वहां पर मैं आपकी परेशानी भी दूर करूंगी और अपने हाथ से नहीं बल्कि किसी और तरीके से!”




















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