
सुबह के लगभग से 10 बजे!
राणा की आंखें खुली और उसने अपने अगल-बगल देखा, उसकी निगाहें रुद्रिका को ढूंढ रही थी लेकिन उसे फिलहाल रुद्रिका कहीं नजर नहीं आ रही थी!


सुबह के लगभग से 10 बजे!
राणा की आंखें खुली और उसने अपने अगल-बगल देखा, उसकी निगाहें रुद्रिका को ढूंढ रही थी लेकिन उसे फिलहाल रुद्रिका कहीं नजर नहीं आ रही थी!

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