
रघु नैना के हाथों की तरफ देख रहा था जहां मेहंदी में उसका नाम लिखा हुआ था और वो नाम भी रघु नहीं बल्कि उसका पूरा नाम राघव राठौर लिखा हुआ था, उसे वो नाम लिखा हुआ देखकर मुस्कुराना चाहिए था लेकिन फिलहाल उसके चेहरे पर सख्त एक्सप्रेशन थे और अब उसने नैना को बिल्कुल सीधा किया और फिर उसकी तरफ देखते हुए बोला "ये क्या गंडमरी हरकत की है तूने?”
उसकी बात पर नैना ने मुंह बनाया और बोली "आपको तो बस मुझे डांटना आता है, एक तो मैंने इतने प्यार से आपका नाम अपने हाथों पर लिखवाया और ऊपर से आप मुझे ही सुना…




















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