
सिकंदर की बात सुनकर नाज़नीन हैरानी से उसकी तरफ देख रही थी और अब वो जल्दी से बोली "ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, मुझे ना तो आप पसंद हो और ना ही आपकी दी हुई पनिशमेंट! मुझे आपकी पनिशमेंट में कोई मजा नहीं आता लेकिन हां मुझे भूख जरूर लगती है और अपनी भूख को खत्म करने के लिए ही मुझे किचन में जाना है! सर्वेंट पता नहीं कब खाना लेकर आएगी और कब नहीं? लेकिन मुझे भूख तो अब लग रही है ना…
सिकंदर ने अब उसे गोद में उठाया और बोला "कोई बात नहीं जैसे ही तुम रूम में पहुंचोगी और अपने कपड़े चेंज करोगी तब तक तुम्हारे पास खाना पहुंच जाएगा दिलनशी! माना मैं तुम्हें बेड पर थोड़ा टॉर्चर करता हूं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं तुम्हें भूखा रखूंगा, ऐसे वाला टॉर्चर मैं तुम्हें कभी नहीं करूंगा दिलनशी!” ये बोलते हुए उसके होठों पर गहरी मुस्कुराहट थी।




















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