
इश्क की बात सुनकर अग्नि हैरानी से उसकी तरफ देख रहा था, अभी-अभी इश्क बेहोशी से उठी थी! उसकी जो हालत थी उसके बाद डॉक्टर ने साफ कहा था कि इस वक्त उसे आराम की सख्त जरूरत है और ना सिर्फ आराम की बल्कि एक अच्छी डाइट की भी, जिस तरह से इश्क पिछले तीन दिनों से भूखी थी उसके बाद अगर थोड़ा वक्त भी और बीत जाता तो उसकी बॉडी के ऑर्गन्स तक फेल हो सकते थे और ये सब काफी क्रिटिकल हो सकता था और ऐसे में अंदर से इश्क को कितनी तकलीफ हो रही होगी इस बात का अंदाजा भी साफ लगाया जा सकता था लेकिन फिर भी इन सब चीजों को छोड़कर इश्क अग्नि के साथ इंटिमेट होने की बात कर रही थी! उसकी जरूरत को पूरा करने की बात कर रही थी…
अग्नि के होठों पर अब तिरछी मुस्कुराहट आ गई, इश्क ने अपने पंजों के बल ऊपर की तरफ उठते हुए अग्नि के चेहरे पर अपना हाथ रख दिया था और उसे किस करने लगी थी और फिर उसके होठों को अपने होठों पर महसूस कर अग्नि ने भी तुरंत उसकी पीठ पर अपना हाथ रख दिया और फिर उसे चूमना शुरू कर दिया!




















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