
रघु नैना को वापस राठौर मेंशन ले आया था और इस वक्त वो लोग अपने कमरे में थे, जहां अभी-अभी गौरी नैना से मिलकर गई थी।
रघु को अब नैना के जख्मों पर मरहम लगानी थी और नैना उसकी तरफ देख रही थी, उसे तो तकलीफ हो रही थी लेकिन उसे रघु की तकलीफ का भी अंदाजा था कि उसे इस तरह से दर्द में देखकर रघु को कितना बुरा लग रहा होगा! अपने लिए तो उसे रोना आ ही रहा था लेकिन रघु के लिए और भी ज्यादा रोना आ रहा था और अब जब रघु के साथ उसकी नज़रें मिली तो उसने तुरंत अपनी नजरों को नीचे झुका लिया था!




















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