
शाम का वक्त,
मित्तल मेंशन में मेहमानों का आना-जाना लगा हुआ था! पूरा गार्डन एरिया मेहंदी की थीम के हिसाब से सजा हुआ था, एक तरफ स्टेज पर डांस वगैरह चल रहा था जिसमें JV को कोई इंटरेस्ट नहीं था इसलिए जैसे ही वो अंदर की तरफ आया उसने तो उस तरफ देखा भी नहीं! उसकी तो निगाहें सिर्फ हया को ढूंढ रही थी और तभी उसकी नजर सामने ही बनी हुई एक अलग स्टेज पर गई जहां पर सोफे लगे हुए थे और उनमें बीचो-बीच हया बैठी थी जिसके हाथों पर मेहंदी लग रही थी और हया का चेहरा एकदम उतरा हुआ था!




















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