
प्रणय गुस्से से दरवाजे की तरफ देख रहा था जहां से अभी-अभी पाखी बाहर गई थी और जाते-जाते अपना मैंगो शेक भी उठा कर ले गई थी!
अचानक ही प्रणय ने अपने माथे पर अपना हाथ रखा और बोला "ओह गॉड इस लड़की के पास तो गाड़ी भी नहीं है तो ये घर पर कैसे जाएगी? और अगर गलती से किसी मुसीबत में फंस गई तो मुसीबत मेरे सिर पर आएगी, अब मैं पहले तो इसे इसके घर पर ड्राप करने जाऊं जैसे इसका ड्राइवर हूं मैं!” ये बोलकर वो बाहर की तरफ आया!
उसकी नज़रें पाखी को ढूंढ रही थी लेकिन उसे पाखी को ढूंढने की कोई जरूरत ही नहीं पड़ी क्योंकि पाखी तो जस्ट बिल्कुल उसके सामने खड़ी थी!
वो उसे घूरते हुए बोला "तुम अभी तक यहीं पर हो? मुझे तो लगा तुम चली गई होगी!”
पाखी हल्का सा मुस्कुराई और बोली "जाऊंगी क्यों सर? मैं तो यहीं पर खड़ी थी, अब माना हम दोनों के बीच थोड़ी सी बहस बाजी हुई है लेकिन इसका मतलब ये थोड़ी ना कि मैं आपको छोड़कर चली जाऊंगी! मुझे पता है मैं अकेली घर नहीं जा सकती, आप मुझे ड्राप करने जाओगे!”
उसकी बातें सुनते हुए प्रणय तुरंत बोला "अगर तुम चाहो तो तुम अकेली भी जा सकती हो, अच्छे से कैब बुक कर सकती हो! अपनी लोकेशन अपनी फैमिली के साथ शेयर कर सकती हो ताकि तुम सेफ्ली अपने घर पहुंच जाओ लेकिन नहीं तुम्हें तो पता है सामने वाले को इरिटेट कैसे करना है? खासकर मुझे!”
ये बोलकर अब वो आगे की तरफ बढ़ गया! पाखी पीछे अपना मैंगो शेक पी रही थी और अब उसके मुंह से Srrrppp Srrrpppp की आवाज सुनाई दी!
प्रणय के कदम तुरंत रुक गए और वो पाखी की तरफ पलटते हुए बोला "खत्म हो गया है वो, अब तुम उस गिलास को फेंक सकती हो!”
जैसे ही उसने कहा पाखी मुस्कुराई और बोली "हां पता है मुझे लेकिन ऐसे सरप्प सरप्प करने में मजा आता है!” ये बोलकर उसने वो गिलास वहीं पर साइड में फेंक दिया!
प्रणय गुस्से से बोला "मैनर्स नाम की कोई चीज नहीं है क्या तुम्हारे अंदर? इतने बड़े होटल में खड़ी हो तुम लेकिन तुम्हारी हरकतें किसी ढाबे से भी गई गुजरी है, वहां पर भी लोग ऐसे कूड़ा करकट नहीं फैलाते होंगे जैसे तुम यहां इस महंगे लग्जरियस होटल में फैला रही हो!”
उसकी बातें सुनते हुए पाखी ने गुस्से से अपना मुंह फुलाया और फिर वो गिलास उठाकर वापस अच्छे से डस्टबिन में डालते हुए बोली "और ये बात आप मुझे अच्छे से भी बोल सकते हो ना लेकिन नहीं आपको तो मुझे भर भर कर सुनाना है, जैसे मुझे सुनाने से ना जाने आपको कौन सा अवार्ड मिल जाएगा!” ये बोलकर अब वो उसके पास आई!
प्रणय गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए बोला "I Just Hate You…
उसकी बात सुनकर भी पाखी मुस्कुरा रही थी और उसकी मुस्कुराहट ही जैसे उसकी तरफ से जवाब था और वो जवाब था “पर मैं तो आपसे प्यार करती हूं!”
प्रणय अब और भी ज्यादा बुरी तरह से चिढ़ गया था! वो तुरंत आगे की तरफ बढ़ गया और पाखी उसके पीछे-पीछे चलने लगी!
कुछ देर बाद वो उसके साथ गाड़ी में बैठी थी और प्रणय चुपचाप गाड़ी ड्राइव कर रहा था जबकि पाखी बार-बार नजरे उठाकर उसकी तरफ देख रही थी।
पूरे रास्ते वो इंतजार कर रही थी कि प्रणय उससे कोई बात करें लेकिन प्रणय ने नहीं कुछ कहा और ना ही पाखी की तरफ देखा और अब आखिर पाखी ही बोली "क्या आप मुझे मेरे एक सवाल का जवाब देंगे?”
प्रणय ने थोड़े एटीट्यूड से कहा “इतना टाइम नहीं है मेरे पास!”
पाखी मुंह बनाते हुए बोली "गाड़ी ही तो चला रहे हैं आप, गाड़ी चलाते-चलाते बात तो आप मेरे साथ कर ही सकते हैं! प्लीज मुझे मेरे सवाल का जवाब दे दीजिए ना… मैं सच में उस सवाल का जवाब चाहती हूं!”
प्रणय ने कुछ नहीं कहा, वो बस चुप रहा तो पाखी को ऐसा लगा जैसे उसने इजाजत दे दी हो!
वो जल्दी से बोली "क्या आप मुझे बताएंगे कि आखिर आप मुझसे शादी करना क्यों नहीं चाहते?”
पाखी के सवाल पर अब प्रणय ने जल्दी से कहा “क्योंकि मैं तुमसे प्यार नहीं करता!”
पाखी ने भी झट से पूछा “तो क्या आप किसी और से प्यार करते हैं?”
उसके सवाल पर अब प्रणय एक बार फिर से चुप हो गया, पाखी का चेहरा हल्का सा मायूस हो गया!
उसने बड़ी ही मासूमियत से एक बार फिर से सवाल किया “प्लीज बता दीजिए ना कि क्या आप किसी और से प्यार करते हैं?”
प्रणय ने अब उसकी तरफ देखा और बोला "अगर मैं कहूं हां तो क्या तुम इस शादी से मना कर दोगी?”
पाखी उसका सवाल सुनकर कुछ पल खामोश रही और फिर अपना चेहरा ना में हिला कर बोली "नहीं मैं फिर भी इस शादी से मना नहीं करूंगी!”
प्रणय गुस्से से बोला "बहुत ढीठ हो तुम!”
पाखी अब फीका सा मुस्कुरा कर बोली "आपको ढीठ लगती हूं लेकिन ऐसा कुछ नहीं है सर, जैसे आप शायद किसी और से प्यार करते हैं वैसे मैं आपसे प्यार करती हूं और अगर आप अपने प्यार के लिए अपनी जिद नहीं छोड़ सकते तो मैं अपने प्यार के लिए अपनी जिद कैसे छोड़ दूं? जिंदगी सिर्फ एक बार मिलती है और मैं इसी जिंदगी में अपना प्यार हासिल करना चाहती हूं!”
प्रणय ने उसकी बात सुनकर एक झटके से गाड़ी की ब्रेक लगाई तो पाखी का सर सीधा डैशबोर्ड पर जाकर लगा और अगले ही पल उसकी आह निकल गई!
प्रणय जानता था कि उसका सिर डैशबोर्ड पर लगेगा तो उसे दर्द होगा, लेकिन फिर भी उसने उसका सर डैशबोर्ड पर लगने से नहीं बचाया!
वो उसकी तरफ देखते हुए बोला "हासिल माय फुट! बेशक से तुम कुछ भी करती रहो लेकिन तुम्हें मेरा प्यार तो नहीं मिलने वाला, पूरी जिंदगी तुम मेरी बीवी बनकर भी प्यार के लिए तड़पती रह जाओगी! तब मैं तुम्हें देखूंगा कि तुम्हारी जिद्द मेरे सामने कितनी टिकती है? जैसे अभी हल्की सी खरोच लगने पर भी तुम्हारी आंखों में लगभग से आंसू आ गए ना पूरी जिंदगी रोती रह जाओगी लेकिन मैं तुम्हारे जख्मों पर मरहम नहीं लगाऊंगा! मुझसे शादी करके तुम्हें सिर्फ और सिर्फ तकलीफ ही मिलेगी, Now Choice is Yours!”
ये बोलकर उसने दोबारा गाड़ी स्टार्ट की और इस बार उसकी गाड़ी की स्पीड और भी ज्यादा तेज थी!
तकरीबन 15 मिनट बाद वो लोग गिलहोत्रा निवास पहुंचे…
गिलहोत्रा निवास जहां पाखी रहती थी, वो उसकी नानी का घर था! उसके नाना नानी जी तो इस दुनिया में नहीं थे लेकिन उसके मामी मामा, और उनकी बेटी रहती थी!
उनकी बेटी फॉरेन में पढ़ती थी जो शादी के लिए मुंबई आने वाली थी!
गाड़ी रुकते हुए देख पाखी के चेहरे पर हल्की मायूसी आ गई थी और प्रणय ने अपनी उंगली अपनी आंखों पर रखते हुए अपनी आंखों को कसकर बंद कर लिया था।
पाखी कुछ पल उसकी तरफ देखती रही और फिर मासूमियत से बोली "मैं जाऊं?”
प्रणय ने नजरे घुमा कर उसकी तरफ देखा और बोला "अगर अपने आप नहीं गई तो मजबूरन मुझे तुम्हें धक्का मार कर यहां से बाहर निकालना पड़ेगा, तो बेहतर तो यही है तुम खुद ही गाड़ी से बाहर चली जाओ!”
पाखी धीमी सी आवाज में बड़बड़ाते हुए बोली "आपकी ये बात तो मान लेती हूं लेकिन शादी कैंसिल करने वाली बात नहीं मानूंगी, कभी भी नहीं मानूंगी!” ये बोलकर वो गाड़ी से उतरी और फिर अंदर की तरफ चली गई!
प्रणय उसे जाते देख खुद से ही बोला "और मैं भी तुमसे शादी नहीं करूंगा, फिर बेशक से कुछ भी क्यों ना हो जाए! तुम्हें तो मैं अपनी बीवी नहीं बनाऊंगा, तुम बेशक से होगी क्यूट इनोसेंट पर मुझे मेरी जिंदगी में तुम बिल्कुल नहीं चाहिए हो और जो चाहिए वो… ये बोलते बोलते वो चुप हो गया था।
तकरीबन आधे घंटे बाद अब प्रणय की गाड़ी राणा मेंशन के पार्किंग एरिया में आकर रुकी!
जैसे ही वो अंदर की तरफ आया सृष्टि जो अभी-अभी किचन से बाहर निकली थी, वो जल्दी से बोली “तुम पाखी को उसके घर तो छोड़ आए थे ना प्रणय? तुम्हारे डैड तो तुम्हारी मॉम के साथ बिजी हैं, वो बेचारी पता नहीं घर पर कैसे गई होगी?”
उसकी बात सुनकर प्रणय ने एक गहरी सांस ली और बोला "डोंट वरी Universe मैं उसे छोड़ आया था!” ये बोलकर वो वहां से ऊपर की तरफ जाने लगा!
सृष्टि जल्दी से बोली "बस तुम्हारी इन्हीं बातों पर तो मुझे तुम पर प्यार आता है, सामने से बेशक जितने मर्जी सख्त बनो लेकिन अंदर से तुम बहुत सॉफ्ट हो प्रणय! जानते थे कि उसे अकेले जाने में प्रॉब्लम होगी इसीलिए तुम उसे छोड़ने गए, देखना अभी तुम इस शादी से ज्यादा खुश नहीं हो लेकिन जब पाखी तुम्हारी बीवी बनकर इस घर में आएगी ना तो तुम्हें खुद ब खुद उससे प्यार हो जाएगा!”
उसकी बात सुनकर प्रणय व्यंग्य से हंसा और बोला "सीरियसली? प्यार ऐसे होता है क्या Universe? मैं उस लड़की को अपने ऑफिस में भी बर्दाश्त नहीं कर पाता और आप मेरी उससे शादी करवा रही है और ये उम्मीद कर रही है कि मैं उससे प्यार करूंगा? Sorry To Say बट आपकी ये उम्मीदें कभी पूरी नहीं हो पाएंगी, मैं उस लड़की से कभी प्यार नहीं कर पाऊंगा कभी भी नहीं!” ये बोलकर वो तुरंत सीढ़ियां चढ़ते हुए ऊपर चला गया!
वो सृष्टि के साथ कभी भी बदतमीजी नहीं करता था, प्रलय और प्रांश दोनों ही काफी टॉक्सिक थे और हमेशा एटीट्यूड में रहते थे! सामने वाले की बात सुनकर अपना आपा खो देते थे और कई बार बदतमीजी कर बैठते थे लेकिन प्रणय खुद पर बहुत ज्यादा कंट्रोल रखता था और वो उतना ही ज्यादा इंट्रोवर्ट भी था, ना ज्यादा किसी से बात करनी और ना ही ज्यादा किसी के क्लोज जाना…. वो हमेशा से अपनी फिलिंग्स और अपने इरादों को लेकर Sure रहा था! उसे क्या चीज़ अपनी जिंदगी में चाहिए और क्या नहीं इसे लेकर उसे कभी भी सेल्फ डाउट नहीं होता था और अब भी वो पूरी तरह से क्लियर था कि वो कभी पाखी से प्यार नहीं कर सकता, पर अब ये तो वक्त बताने वाला था कि जबरदस्ती हो रही है शादी पूरी हो भी पाएगी या नहीं? और अगर हुई भी तो क्या कभी प्रणय पाखी से प्यार कर पाएगा या फिर सच में पाखी उसके प्यार के लिए तड़पती रह जाएगी?
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राणा मेंशन
डिनर के टाइम सब लोग डाइनिंग टेबल पर बैठे थे और सृष्टि की नजरे बार-बार ऊपर की तरफ जा रही थी जहां पर प्रांश और पंखुड़ी का रूम था! दोनों शाम के अपने रूम में थे और अभी तक रूम से बाहर नहीं निकले थे!
सृष्टि चाहती थी कि प्रांश प्रणय से बात करें, कल उसकी और पाखी की इंगेजमेंट होने वाली थी और अभी थोड़ी देर पहले प्रणय ने जिस तरह से कहा कि वो कभी पाखी से प्यार नहीं करेगा! सृष्टि चाहती थी कि प्रांश एक बार प्रणय को समझाए कि कैसे उसे भी पंखुड़ी से पहले प्यार नहीं था, शादी भी उसने पंखुड़ी से यूं ही की थी! बाद में उसे पंखुड़ी से इतना प्यार हुआ कि अब प्रांश को बाकी पूरी दुनिया में तो कुछ नजर ही नहीं आता, वो बस सारा दिन पंखुड़ी में ही डूबा रहता है और आज भी उसका प्यार और Obsession पंखुड़ी के लिए कम नहीं हुआ है!
कल प्रणय और पाखी की इंगेजमेंट होने वाली थी तो आज रात उसे प्रणय से बात कर लेनी चाहिए थी, लेकिन वो तो अपनी बीवी के साथ इतना मस्त था कि उसे किसी और की शादी की कोई फिक्र ही नहीं थी!
प्रणय अपना डिनर करने के बाद अपनी जगह से उठा और बाहर वॉक के लिए चला गया!
उसके जाने के बाद प्रलय सृष्टि की तरफ देखते हुए बोला "तुम एक काम क्यों नहीं करती? ऊपर उनके रूम के बाहर जाकर खड़ी हो जाओ ना, जैसे ही वो दोनों एक दूसरे से फ्री हो तुम अंदर चली जाना!”
सृष्टि मुंह बनाते हुए बोली "मुझे टेंशन हो रही है Destroyer, कल पाखी और प्रणय की इंगेजमेंट है और प्रणय का सड़ा हुआ मुंह देखकर मुझे ऐसा लगता है जैसे वो शादी के मंडप में आएगा भी नहीं! कहीं वो मंडप में पाखी को अकेला ना छोड़ दे क्योंकि वो राणा खानदान का खून है इसलिए वो कुछ भी कर सकता है!”
प्रलय गहरी सांस लेकर बोला "वो राणा खानदान का खून है इसलिए वो कुछ भी कर सकता है Universe, लेकिन वो एक चीज बिल्कुल नहीं कर सकता! किसी मासूम की इज्जत के साथ खिलवाड़ और अगर पाखी मंडप में पहुंचती है और प्रणय मंडप में नहीं आता है, इसका मतलब पाखी की इज्जत पर उंगली उठेगी और ऐसा प्रणय कभी नहीं होने देगा इसलिए डोंट वरी वो मंडप में जरूर आएगा पर शादी के बाद उन दोनों का क्या होगा ये मैं नहीं कह सकता!” ये बोलकर वो डाइनिंग टेबल से उठा और रूम की तरफ जाने लगा!
सृष्टि जल्दी से बोली "आप एक बार प्रणय से बात करके देखिए ना, उसे समझाइए कि शादी के बाद उसे पाखी से प्यार….
उसकी बात पूरी होती उससे पहले ही प्रलय हल्का सा मुंह बनाते हुए बोला "ओह हेलो तुमने समझ क्या रखा है मुझे? मैं क्या तुम्हें कोई मैरिज कंसलटेंट नजर आता हूं या फिर कोई साइकैटरिस्ट जो मैं लोगों को अलग ही भाषण देता फिरूं? कहीं तुम्हें मैं मोटिवेशनल स्पीकर तो नजर नहीं आ रहा ना? नहीं Universe मैं इन तीनों में से कुछ भी नहीं हूं, तुम जल्दी से अपना डिनर फिनिश करो और फिर सीधा रूम में पहुंचो! आज मेरा मूड हो रहा है…
उसकी बात सुनकर सृष्टि उसकी तरफ देखती रह गई और प्रलय अब अपने रूम में चला गया!
सृष्टि ने अपना सिर पकड़ लिया, वो परेशान होते हुए बोली "एक तो रागिनी भी नहीं है यहां पर! अपनी प्रॉब्लम किससे शेयर करूं? मैं चाहती हूं कि इंगेजमेंट से पहले एक बार प्रणय से बात हो जाए, कोई उसे समझा दे तो प्रणय और पाखी की इंगेजमेंट का फंक्शन अच्छे से हो जाएगा वरना कल भी उसका मुंह बना रहेगा! The खडूस राणा…
ये बोलते हुए उसका खुद का मुंह बना हुआ था और अब वो डाइनिंग टेबल से उठी और किचन की तरफ बढ़ गई, अभी राणा मेंशन में सिर्फ प्रलय सृष्टि प्रणय और प्रांश पंखुड़ी थे! बाकी की फैमिली कल इंगेजमेंट से पहले आने वाली थी!
वहीं दूसरी तरफ
प्रणय बाहर गार्डन में खड़ा था और स्मोक कर रहा था, वॉक तो वो सिर्फ नाम की करता था! मोस्टली तो उसे खाना खाने के बाद स्मोक करना होता था इसलिए वो गार्डन में आता था, ऐसा नहीं था कि वो अपने रूम में स्मोक नहीं कर सकता था! वो अपने रूम में भी स्मोक करता था पर यहां खाना खाने के बाद उसे गार्डन में स्मोक करने की आदत थी!
स्मोक करते हुए वो कुछ सोच रहा था और उसकी आंखों के सामने कुछ झलकियां चल रही थी!
एक रूम जिसमें बहुत अंधेरा था, बाहर से चांद की रोशनी आ रही थी और बिस्तर पर लेटे हुए दो लोग जिनके बदन आपस में उलझे हुए थे! उनकी कमर तक एक ब्लैंकेट था और ब्लैंकेट के ऊपर से नजर आ रही उनकी पीठ साफ बता रही थी कि इस वक्त उन दोनों के बदन पर कपड़ों के नाम पर कुछ नहीं होगा!
वो सब याद करते हुए प्रणय ने अब अपने माथे पर अपना हाथ रखा और एक गहरी सांस ली, दूसरे ही पल उसने अपने हाथ में पकड़ी हुई सिगरेट को नीचे जमीन पर फेंका और फिर उसे अपने पैरों से मसल कर ऊपर अपने रूम की तरफ बढ़ गया!
वहीं दूसरी तरफ
पाखी अपने रूम में बैठी थी और उसके हाथों पर मेहंदी लग रही थी, वो ज्यादा मेहंदी के डिजाइन नहीं बनवा रही थी! बस अपनी हथेली पर एक राउंड और फिर टिप्स पर थोड़ी सी मेहंदी ताकि मेहंदी का शगुन हो जाए, असली मेहंदी तो उसे अपनी मेहंदी की रस्म पर ही लगने वाली थी जो तीन दिन बाद थी….
तभी सामने टेबल पर रखा हुआ फोन बजा, उसने निशा की तरफ देखा जो उसकी फ्रेंड थी और उसके घर आई हुई थी!
निशा जल्दी से बोली "तुम्हारी मामी का फोन बज रहा है!”
पाखी फोन की तरफ देखते हुए बोली “लेकिन मामी तो पता नहीं कहां है? तुम एक काम करो जाओ जाकर फोन उठा लो, शायद अंशिका का कॉल होगा! उसका कॉल मैं रिसीव कर लेती हूं…
उसकी बात पर निशा ने अपना चेहरा हां में हिलाया और फिर फोन उठाकर पाखी के पास लेकर आई, उसने कॉल रिसीव कर लिया था और फोन स्पीकर पर छोड़ दिया था!
सामने से अंशिका की आवाज आई “हेलो मॉम!”
पाखी तुरंत बोली "वो मामी पता नहीं कहां है अंशिका? शायद ऊपर टेरेस पर गई है, तुम ये बताओ तुम कब आने वाली हो? कल मेरी और प्रणय की इंगेजमेंट है! तुम इंगेजमेंट से पहले आ तो जाओगी ना?”
ये बोलते हुए वो मुस्कुरा रही थी क्योंकि वो अपनी शादी को लेकर बहुत ज्यादा एक्साइटेड थी!
सामने से अंशिका की आवाज आई “हां हां तुम्हारी इंगेजमेंट से पहले तो मैं आ ही जाऊंगी क्योंकि तुम्हारी इंगेजमेंट मैं कैसे मिस कर सकती हूं? ये इंगेजमेंट तो दुनिया का सबसे बड़ा इवेंट है, इसे मिस करना मेरे लिए कहां पॉसिबल है? ये तो मेरी औकात से बाहर की चीज होनी है ना!”
उसकी बातें सुनते हुए पाखी की मुस्कुराहट अब फीकी पड़ गई थी! अंशिका एक बार फिर से बोली "तुम्हारी शादी हो रही है इतना ही काफी है, अपनी शादी पर ध्यान दो और अपने ससुराल जाओ! ना मुझे तुम में इंटरेस्ट है और ना ही तुम्हारी शादी में… पता नहीं मॉम डैड तुम्हारी शादी कहां करवा रहे हैं? आई होप उन लोगों की इतनी औकात तो हो कि वो तुम जैसे नमूने को झेल पाए क्योंकि जितना नुकसान तुम करती हो उसके लिए सामने वाले को मेंटली और फाइनेंशली प्रिपेयर होना बहुत ज्यादा जरूरी है! वैसे एक बात बताओ तुम्हारे वाला कोई काम करता है या फिर मॉम तुम्हारी शादी किसी नकारा से ही करवा रही है? वैसे मुझे नहीं लगता कोई काम करता होगा क्योंकि अगर वो तुमसे शादी कर रहा है तो इट मींस वो दिमागी तौर पर स्टेबल तो बिल्कुल नहीं है, पक्का पागल होगा तभी तो तुमसे शादी कर रहा है!”
उसकी बातें सुनते हुए पाखी की आंखों में आंसू आ गए थे और निशा का चेहरा गुस्से से लाल हो रहा था, वो तुरंत अंशिका से कुछ बोलने को हुई पर उससे पहले ही पाखी ने अपने हाथ से फोन डिस्कनेक्ट कर दिया जिसकी वजह से उसकी मेहंदी भी खराब हो गई!
निशा गुस्से से ही बोली "ये तुमने क्या किया पाखी? अपनी मेंहदी खराब कर ली उस लड़की की बकवास सुनकर, तुम्हें तो उसे जवाब देना चाहिए था लेकिन तुमने तो अपनी ही मेहंदी बिगाड़ ली!”
पाखी ने अब अपनी मेहंदी वाले हाथ से ही अपने आंसू साफ किए और बोली "मुझे नहीं लगवानी कोई मेहंदी!”
ये बोलकर वो तुरंत अपनी जगह से उठी और अपने रूम में चली गई, अब तो उसके हाथ की मेहंदी उसके चेहरे पर भी लग चुकी थी!
निशा को उसके लिए बुरा लग रहा था लेकिन वो क्या ही कर सकती थी? पर तभी उसकी नजर कामिनी जी पर गई जो सीढ़ियां उतरते हुए नीचे की तरफ आ रही थी।
कामिनी जी उसे देखकर बोली "पाखी की मेहंदी लग गई क्या? तुमने ढंग से तो लगाई है ना उसके हाथों की मेहंदी? कहीं कोई गुड गोबर तो नहीं कर दिया?”
निशा गुस्से से मुंह बनाते हुए बोली “गुड गोबर तो आपकी बेटी अंशिका है जो सामने से मीठी-मीठी बातें करती है, लेकिन अंदर उसके गोबर भरा हुआ है! आई बड़ी दूसरों को सुनाने वाली कमीनी कहीं की…
ये बोलकर वो मुंह बनाते हुए बाहर चली गई और कामिनी जी उसकी तरफ देखती रह गई! वो दांत पीसते हुए बोली "इसकी इतनी हिम्मत कि ये मेरी अंशिका के बारे में ऐसे बोल कर गई? इसे तो मैं बताती हूं!”
ये बोलकर वो उसके पीछे जाने ही वाली थी कि सामने रखा उनका फोन बजा, उन्होंने तुरंत अपने फोन की तरफ देखा जिस पर मेहंदी लगी हुई थी!
वो गुस्से से बोली "काम ढंग से एक नहीं करना इसे और बातें बनानी है हजार, पर अब ये सृष्टि जी मुझे क्यों कॉल कर रही है?” ये बोलकर कुछ सोचते हुए उन्होंने कॉल रिसीव किया!
सामने से सृष्टि की आवाज आई “सब कुछ अरेंज तो हो गया है ना कामिनी जी? किसी तरह की कोई कमी तो नहीं रह गई है ना? अगर किसी चीज की कोई कमी है तो आप हमें बता दीजिए, मैं सब कुछ अरेंज करवा दूंगी! कल इंगेजमेंट पार्टी आपके घर हो रही है तो…
उसकी बात पूरी होती उससे पहले कामिनी जी हंसते हुए बोली "चिंता मत कीजिए सृष्टि जी सब कुछ हो चुका है, अब तो हमें बस आप लोगों का इंतजार है! कल इंगेजमेंट पार्टी में मिलते हैं…
सृष्टि ने राहत की सांस ली और “ठीक है फिर कल मिलते हैं!” ये बोलकर कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया!”
कामिनी जी ने अब नजरे घूमा कर पाखी के रूम की तरफ देखा और फिर मुंह बनाते हुए बोली "जैसे-जैसे शादी के दिन नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे इस लड़की के नखरे बढ़ते जा रहे हैं, मैं तो बस इसलिए इसके नखरे बर्दाश्त कर रही हूं ताकि ये उस राणा खानदान में जाए और फिर इसके पीछे-पीछे मेरी अंशिका भी उनके परिवार में चली जाए! वो प्रणय राणा तो वैसे भी बहुत खड़ूस है, वो तो मेरी अंशिका को पसंद भी नहीं आएगा लेकिन सुना है उसका एक भाई भी है! बस वो मेरी अंशिका को पसंद आ जाए…
ये बोलकर वो अपनी जगह पर खड़ी रही और फिर उन्होंने अपने फोन से अंशिका को कॉल किया!
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अंशिका जो अभी-अभी गाड़ी से उतरकर अपने फ्लैट के अंदर जा रही थी, वो अभी पार्टी करके वापस लौटी थी! जैसे ही उसके फोन पर कामिनी जी का कॉल आया उसने तुरंत कॉल रिसीव किया…
सामने से कामिनी जी बोली "कैसी हो तुम अंशिका? क्या कर रही हो?”
अंशिका थकी हुई आवाज में बोली "बहुत ज्यादा थक गई हूं मॉम, मैंने इसलिए आपको थोड़ी देर पहले फोन किया था ताकि आपसे बात कर लूं! नहीं तो आप मुझे बाद में डिस्टर्ब करेंगी जब मैं सो रही होऊंगी!”
कामिनी जी जल्दी से बोली "ओ मेरी बच्ची सारा दिन क्लासेस अटेंड करके थक जाती है ना? बस तुम्हारी स्टडी के अब वहां पर कुछ ही दिन तो रह गए है ना बेटा, उसके बाद तो तुम्हें यहां आ ही जाना है! फिर बेशक से तुम जितना मर्जी रेस्ट कर लेना…
उनकी इस बात पर अंशिका ने कोई जवाब नहीं दिया, कामिनी जी एक बार फिर से बोली "अब तुमने डिसाइड कर लिया है क्या अंशिका कि तुम इस शादी में नहीं आ रही? अगर तुम इस शादी में आ जाती तो बहुत अच्छा होता!”
उनकी बात पूरी होती उससे पहले ही अंशिका बोली "क्या अच्छा होता मॉम? गरीबों की शादी में आकर मैं क्या ही करूंगी? मैं जानती हूं उस लड़की की शादी किसी रिच खानदान में तो हो नहीं रही होगी, कोई भी अमीर रईसजादा उसे क्यों ही पसंद करेगा? डैड पक्का उसकी शादी नॉर्मल सी फैमिली में करवा रहे होंगे और मुझे एक लो क्लास शादी देखने में कोई इंटरेस्ट नहीं है!”
कामिनी जी तुरंत बोली "अरे नहीं नहीं बेटा उस दिन भी मैं तुमसे यही बात बोलने वाली थी, तुम तो जानती ही हो अपने डैड को! वो कुछ भी लोअर क्लास नहीं करते हैं, उन्होंने उस पाखी की शादी भी बहुत रिच फैमिली में फिक्स की है और तुम तो शायद उनको जानती भी हो! वो पाखी के बॉस ही तो है, तुमने नाम तो सुना ही होगा प्रणय राणा… प्रांश राणा का इकलौता बेटा!”
जैसे ही कामिनी जी ने कहा अंशिका के होश उड़ गए! वो जल्दी से बोली "व्हाट? आप लोग पाखी की शादी प्रणय राणा से करवा रहे हैं? प्रणय राणा जो ना सिर्फ मुंबई का बल्कि वर्ल्ड के मोस्ट एलिजिबल बैचलर में से आता है, अभी थोड़े दिन पहले ही उसे अवार्ड भी मिला था! He is so Handsome, So Brilliant and उसकी Hotness? उफ्फ उसकी तो मैं बात ही क्या करूं…
कामिनी जी जल्दी से बोली "कैसी बातें कर रही हो तुम अंशिका?”
अंशिका तुरंत अपनी बात संभालते हुए बोली "पर मॉम उन दोनों की शादी कैसे हो सकती है? आई मीन कहां प्रणय राणा और कहां हमारी पाखी? खैर पाखी का तो छोड़िए, उसकी तो अगर आप किसी गधे से भी शादी करवा देंगे तो वो मान जाएगी लेकिन प्रणय राणा? वो इस शादी के लिए कैसे मान गया?”
कामिनी जी चौंकते हुए बोली "लेकिन इसमें तुम इतना परेशान क्यों हो रही हो? ये तो शुक्र है कि पाखी की शादी उस प्रणय राणा से हो रही है वरना जितना खडूस वो है ना, उससे कोई लड़की शादी ना करें! बेशक से वो लड़कियों का ख्वाब होगा लेकिन कोई लड़की उसे पर्सनली नहीं जानती इसलिए सब उससे शादी करने का ख्वाब देखते हैं, लेकिन अगर कोई दो दिन भी उसके साथ रह ले ना तो वो लड़की पागल हो जाएगी! मैंने तो उसका नेचर देखा है बहुत ज्यादा खड़ूस है, बहुत ज्यादा एरोगेंट और एटीट्यूड वाला… जब कभी पार्टी में भी मिलता है तो मजाल है हल्का सा मुस्कुरा दे या ढंग से बात कर ले, हमेशा अपने ही एटीट्यूड में रहता है जैसे ना जाने अपने आप में क्या ही तोप हो!”
अंशिका जल्दी से बोली "वो तोप ही तो है मॉम तभी तो उसके अंदर इतना एटीट्यूड है, मैं उससे कभी मिली नहीं हूं लेकिन इतना तो कंफर्म है कि वो लड़का पाखी डिजर्व तो बिल्कुल भी नहीं करता! वो दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की डिजर्व करता है और वो लड़की पाखी बिल्कुल भी नहीं है, वेल मुझे इस शादी में आने में कोई इंटरेस्ट नहीं था लेकिन अब मैं इस शादी में जरूर आऊंगी! आप प्लीज मेरी रिटर्न टिकट करवा दीजिएगा…
कामिनी जी उसकी बात सुनकर हैरान रह गई, पहले वो कितनी बार अंशिका को मना चुकी थी कि वो इस शादी को अटेंड करें ताकि वो उसे राणा फैमिली से इंट्रोड्यूस करवा सके, प्रणय से तो नहीं लेकिन वो अंशिका को किसी तरह राणा फैमिली में फिट करना चाहती थी लेकिन अंशिका हमेशा मना कर देती थी और अब वो खुद से बोल रही थी कि वो शादी में जरूर आएगी!
अब वो जल्दी से बोली "ठीक है मैं तुम्हारी रिटर्न टिकट करवा देती हूं, अगर अभी तुम्हारे डैड को बोलूंगी तो एक-दो घंटे में कल की टिकट हो जाएगी! अब तुम एक काम करो तुम भी अपनी पैकिंग कर लो और अपना ख्याल रखना, मैं तुम्हें थोड़ी देर में कॉल करती हूं!”
ये बोलकर उन्होंने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया और अमित जी के रूम में चली गई, अमित जी जो कामिनी जी के हस्बैंड थे और पाखी के मामा जी….
वहीं दूसरी तरफ
पाखी बेड पर बैठी हुई रो रही थी, उसने अपने हाथों की तरफ देखा जहां उसके हाथों पर लगी हुई मेहंदी खराब हो गई थी लेकिन अब वो बिस्तर से उठी और सीधा वॉशरूम की तरफ गई!
जहां से वो मेहंदी खराब हो गई थी उसने उस जगह को अच्छे से क्लीन किया और फिर वापस बाहर की तरफ आई, उसने टेबल पर रखा हुआ मेहंदी का कोन उठाया और उसे लेकर वापस अपने रूम में आ गई!
अब वो जहां पर मेहंदी खराब हुई थी वहां अच्छे से मेहंदी लगा रही थी, उसने अपना चेहरा भी क्लीन कर लिया था!
वो मुंह बनाते हुए बोली "मैं किसी के लिए क्यों रोऊं? सृष्टि मैम कहती है कि मेरे आंसू बहुत ज्यादा एक्सपेंसिव है, मुझे इन्हें वेस्ट नहीं करना चाहिए और वैसे भी मेरी शादी होने वाली है तो मुझे विदाई के वक्त रोना होगा! अगर मैं अपने सारे आंसू अभी बहा लूंगी तो फिर मैं विदाई पर रोऊंगी कैसे? हां मुझे रोना तो नहीं चाहिए क्योंकि यहां से जाने पर मुझे रोना तो नहीं आना चाहिए बल्कि खुश होना चाहिए, लेकिन अगर मुझे रोना नहीं आया तो सब लोग बातें बनाएंगे और कहेंगे कि कितनी बेशर्म लड़की है! देखो कैसे हंसते हुए ससुराल जा रही है… इसको तो रोना भी नहीं आ रहा!”
ये बोलते हुए उसने बड़ा ही क्यूट सा मुंह बनाया हुआ था और अब वो वापस बेड पर लेट कर अपनी मेहंदी के सूखने का इंतजार करने लगी!
यूं ही रात बीत गई!
और अब सुबह का वक्त,
प्रणय सीढ़ियां उतरते हुए नीचे आया जहां पर प्रांश पंखुड़ी प्रलय और सृष्टि चारों डाइनिंग टेबल पर बैठे थे, अब प्रणय भी उनके साथ आकर बैठा!
प्रांश उसकी तरफ देखते हुए बोला "थैंक यू कल वाली मीटिंग संभालने के लिए!”
प्रणय ने उसे गहरी निगाहों से देखते हुए कहा “मीटिंग्स तो मुझे ही संभालनी पड़ेगी क्योंकि आप तो कहीं और ही बिजी रहते हैं!”
पंखुड़ी मुंह बनाते हुए बोली "ऐसे क्यों बोल रहे हो तुम अपने डैड से? और क्या हुआ अगर वो थोड़े से बिजी हो गए तो? अब क्या वो सारी जिंदगी काम करते रहेंगे? तुम बड़े हो गए हो तो अब तुम सब कुछ संभालो, मेरे मीठे से संतरे को बस मुझे संभालने दो!”
ये बोलते हुए वो मुस्कुराई, उसकी नज़रें प्रांश पर ठहरी हुई थी और प्रांश का चेहरा अपने आप लाल हो रहा था!
तभी प्रणय भी प्रांश की तरफ देखते हुए बोला "पर कल आपको अपने ये मीठे संतरे कुछ ज्यादा खट्टे नहीं लगे क्या? आई मीन मैंने सुना है इन्होंने कही गोलगप्पे खाए थे….
पंखुड़ी भी जल्दी से बोली "तो क्या हुआ? गोलगप्पे तो सभी खाते हैं और मुझे पता है कि इन्होंने गोलगप्पे खाए थे, इन्होंने मुझे बताया भी था!”
प्रणय एक बार फिर से बोला "और ये भी बताया होगा कि उन्होंने गोलगप्पे खाए किसके साथ थे?”
उसके सवाल पर पंखुड़ी जो मुस्कुरा रही थी उसकी मुस्कुराहट अब एकदम से बंद हो गई थी और उसकी नज़रें प्रांश पर थोड़ी इंटेंस हो गई थी, जैसे वो आंखों ही आंखों में उससे सवाल कर रही हो और प्रांश के चेहरे का भी रंग एकदम से उड़ गया था!
उसने तुरंत प्रणय की तरफ देखा और आंखों ही आंखों में रिक्वेस्ट की कि वो शांत रहे, उसे कोई मीटिंग अटेंड नहीं करनी है तो भाड़ में जाए मीटिंग लेकिन फिलहाल यहां पर ये रायता ना फैलाएं जिसे समेटने में उसे घंटो लग जाएंगे!
पंखुड़ी ने अब प्रणय की तरफ देखा और बोली "पर इन्होंने तो मुझे कहा था कि इन्होंने किसी के साथ गोलगप्पे नहीं खाए, वो तो गोलगप्पे वाला इनकी गाड़ी के आगे आ गया तो इन्होंने….
उन दोनों की वो जुगलबंदी देखकर प्रलय और सृष्टि तो मुस्कुरा रहे थे, उन्हें तो प्रांश हमेशा चुप करवा देता था लेकिन प्रणय? वो तो किसी के चुप करवाने से चुप नहीं होता था!
पंखुड़ी ने अब प्रांश की तरफ देखते हुए पूछा “आपने किसके साथ गोलगप्पे खाए थी जान?”
प्रांश हड़बड़ाते हुए बोला "ये बिल्कुल झूठ बोल रहा है बच्चे, मैंने किसी के साथ गोलगप्पे नहीं खाए!”
प्रणय ने अपनी आईब्रो ऊपर की तरफ उठाते हुए पूछा “ओह रियली डैड? आपने किसी के साथ गोलगप्पे नहीं खाए? You know what प्रणय राणा हूं मैं और मैं यूं ही कोई बात नहीं करता, जब तक मेरे पास उस बात को लेकर प्रूफ ना हो! अगर आप कहें तो मैं आपको वो प्रूफ दिखाऊं क्या?”
उसकी इस बात पर प्रांश के पैरों तले जमीन खिसक गई थी! वो जल्दी से बोला "तुम मीटिंग के लिए लेट नहीं हो रहे हो क्या? आज तो तुम्हारी बहुत इंपॉर्टेंट मीटिंग है ना और वैसे भी आज रात तुम्हारी इंगेजमेंट है तो तुम्हें जल्दी ही अपना सारा काम खत्म…
उसकी बात पूरी होती उससे पहले ही पंखुड़ी बोली "नहीं काम गया आलू लेने, पहले आप मुझे ये बताओ कि कल आपने गोलगप्पे किसके साथ खाए?”
उसकी बात पर प्रांश गुस्से से प्रणय को घूर रहा था और प्रणय के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट थी और अब उसने अपना फोन निकाला और उस पर कुछ पिक्चर्स स्लाइड करते हुए बोला "आपको डैड से पूछने की जरूरत नहीं है मॉम, मैं खुद ही आपको दिखा देता हूं कि आपके ये मीठे संतरे आजकल अपना जूस कहां-कहां गिरा रहे हैं!”
ये बोलकर उसने अपना फोन अब पंखुड़ी की तरफ घुमा दिया!
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राणा मेंशन
जैसे ही प्रणय ने अपना फोन पंखुड़ी की तरफ घुमाया, प्रांश की धड़कनें रुकने को हो गई थी! उसका दिल सीने से बाहर निकलने को हो गया था लेकिन जैसे ही उसने फोन की तरफ देखा उसके होश उड़ गए क्योंकि फोन में उसकी पिक्चर्स तो थी लेकिन साथ ही साथ उसके एक बिजनेस पार्टनर की पिक्चर भी थी या यूं कहे कि एक वीडियो थी जिसमें प्रांश गोलगप्पे खाते हुए नजर आ रहा था और उसके साथ उसका एक बिजनेस पार्टनर भी था।
वो उस वीडियो को देखकर दंग रह गया था क्योंकि उसने तो पाखी के साथ गोलगप्पे खाए थे तो वीडियो में भला उसका वो बिजनेस पार्टनर कैसे आ सकता है?
वही पंखुड़ी ने अब प्रांश की तरफ देखा और बोली "आपने मुझसे झूठ कहा जान? आपने तो कहा था कि वो गोलगप्पे वाला अचानक से आपके सामने आ गया था और आप उसकी मदद करना चाहते थे इसलिए आपने उसके गोलगप्पे खाए, लेकिन यहां तो आप अपने दोस्तों के साथ…
उसकी बात पूरी होती उससे पहले ही प्रांश बोला "पर मैंने पाखी के साथ गोलगप्पे तो नहीं खाए ना!”
पंखुड़ी गुस्से से बोली "पाखी बीच में कहां से आ गई? मुझे तो आपका आपके इस बिजनेस पार्टनर के साथ ही गोलगप्पे खाना पसंद नहीं आ रहा तो पाखी की तो आप बात ही छोड़ दीजिए, अगर इसकी जगह पाखी होती तो मैं आपको बहुत अच्छी तरह से बता देती कि गोलगप्पे में कितनी मिर्ची होती है! कितना पानी और कितना आलू…
उसकी बातें सुनते हुए प्रांश का चेहरा एकदम सुन्न हो चुका था, यहां तो उसके बिजनेस पार्टनर की वीडियो थी! इसी में ही पंखुड़ी को इतना गुस्सा आ रहा था और अगर गलती से उसके सामने रियल वीडियो आ जाती तो वो ना जाने प्रांश का क्या ही हाल करती?
प्रांश ने अब प्रणय की तरफ देखा जिसके चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट थी।
प्रणय अब थोड़ी सारकास्टिक वॉइस में बोला “कैसा लगा डैड?”
प्रांश गुस्से से बोला "बहुत वाहियात!”
प्रणय हंसकर बोला "अगर इतने ही बेकार थे गोलगप्पे तो आपने खाए ही क्यों?”
प्रणय की इस बात पर पंखुड़ी ने वापस प्रांश की तरफ देखा और बोली "एक्जेक्टली अगर आपको वो गोलगप्पे इतने ही वाहियात लगे तो आपने खाए ही क्यों?”
प्रांश अब एक बार फिर से प्रणय की तरफ देखने लगा था और प्रणय की हंसी छूट गई थी, वो अपनी जगह से उठा और बोला "एक्चुअली मुझे जितना खाना था मैंने खा लिया, अब मुझे और ज्यादा भूख नहीं लगी है!”
प्रांश उसे घूर-घूर कर देख रहा था, पंखुड़ी ने अब वापस प्रांश की तरफ देखा और बोली "आप मेरी कसम खाइए जान कि आइंदा आप किसी और के साथ गोलगप्पे नहीं खाएंगे! आपने मेरे साथ भी बस एक आधी बार ही गोलगप्पे खाए है, उसके बाद तो आपने कभी मेरे साथ भी नहीं खाए तो आप किसी और के साथ गोलगप्पे कैसे शेयर कर सकते हैं?”
प्रांश ने उसका हाथ कसकर थामा और बोला "आई प्रॉमिस मैं किसी के साथ गोलगप्पे नहीं खाऊंगा, लेकिन मैं अब लोगों को गोलगप्पे खिलाऊंगा जरूर!”
पंखुड़ी ने हैरानी से पूछा “किसे?”
प्रांश जल्दी से अपनी बात संभालते हुए बोला “मतलब मुझे ना कुछ हिसाब पूरे करने हैं, आई मीन ऑफिस में एक बहुत इंपॉर्टेंट मीटिंग है तो मुझे जाना होगा! मैं तुमसे बाद में बात करता हूं और हां प्लीज अपना नाश्ता अच्छे से कर लेना और रात को सबसे ज्यादा खूबसूरत तुम्हें ही लगना है, तुम्हें पता है ना?”
उसकी बात पर पंखुड़ी मुस्कुराई और बोली "हां हां जान मुझे बहुत अच्छी तरह से पता है, सबसे ज्यादा खूबसूरत मैं ही लगूंगी आप टेंशन मत लीजिए!”
उसकी बात पर प्रांश मुस्कुराया और फिर वहां से चला गया!
वहीं दूसरी तरफ
प्रणय जो अपनी गाड़ी में बैठने वाला था उसके कानों में अब प्रांश की आवाज गूंजी “अपने बाप के साथ कुछ ज्यादा ही शातिरदारी कर रहे हो?”
प्रणय जो गाड़ी के अंदर बैठने वाला था अब वो अचानक से रुका और प्रांश की तरफ देखते हुए बोला "बिल्कुल भी नहीं! मैं बस ये बता रहा हूं कि जब सामने वाला हमें प्रेशराइज करता है तो कैसा फील होता है?”
प्रांश व्यंग से हंसा और बोला "मतलब इस शादी से भागना चाहते हो तुम?”
प्रणय अब एटीट्यूड से बोला “भागना प्रणय राणा ने कभी सीखा नहीं!”
प्रांश भी अब थोड़े एटीट्यूड से बोला "और तुम भाग पाओगे भी नहीं…
प्रणय गहरी मुस्कुराहट के साथ बोला "चैलेंज मत कीजिए क्योंकि फिर मैं खुद नहीं भागूंगा, लेकिन दूसरों को जरूर भगा सकता हूं! कहीं ऐसा ना हो कि आपकी ढूंढी हुई बहू सीधा ये देश छोड़कर ही भाग जाए…
प्रांश हंसा और बोला "ऐसा कभी नहीं होगा, बेशक से आजमा कर देख लो और रही बात शादी की तो शादी तो बेटा तुम्हें करनी ही पड़ेगी क्योंकि अब तो सब कुछ फाइनल हो चुका है!”
उसकी बात पर प्रणय तिरछा मुस्कुराया और बोला "अभी भी टाइम है डैड, अगर आप चाहे तो इस शादी को रोक सकते हैं क्योंकि अगर खुद से जबरदस्ती करके भी मैंने ये शादी की तो इस शादी के लड्डु का तो पता नहीं, लेकिन इसकी मिर्ची बहुत लोगों को लगेगी और I will make sure कि सबके मुंह जले!”
उसकी बात पर प्रांश ने गहरी सांस ली और बोला "Do whatever you want to do क्योंकि ये शादी तुम्हारी पर दादी ने फिक्स की थी और अब वो इस दुनिया में नहीं है तो हमें बस उनका ये वादा निभाना है! रही बात मिर्च की तो ये राणा फैमिली है, यहां पर मीठा तो सबको हजम भी नहीं होता… सब लोग मिर्ची के ही दीवाने हैं! ऑफिस में मिलते हैं, आज काफी इंपॉर्टेंट मीटिंग है ना तो देरी हो रही है हम दोनों को ही!”
ये बोलकर वो अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ गया और प्रणय ने मुंह बनाया, वो अब खुद से ही बड़बड़ाते हुए बोला "एक तो लोगों की ये बातें! I Don’t know लोगों को ये वादों कसमों से क्या ही मिल जाता है? आई मीन एक इंसान अपनी मर्जी से जीना चाहता है लेकिन नहीं इनको बीच में अपने वादे याद आ जाते हैं, बेशक से फिर उनके वादों की वजह से दूसरों की जिंदगी बर्बाद हो जाए!”
ये बोलते हुए उसके चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था, वो इस वक्त बहुत ज्यादा इरिटेट हो रहा था!
अब वो भी अपनी गाड़ी में बैठा और वहां से निकल गया!
लगभग से 1 घंटे बाद
प्रणय अपने केबिन में बैठा था और अब उसने बेल बजाकर अपने मैनेजर सुशांत को बुलाया, सुशांत जल्दी से उसके केबिन में आया तो प्रणय उसकी तरफ देखते हुए बोला "आज की मीटिंग की फाइल कहां है?”
सुशांत ने टेबल की तरफ देखते हुए कहा “वो फाइल तो यहीं पर होगी ना सर, रात को पाखी मैडम ने वो फाइल यहीं पर रखी थी!”
प्रणय गुस्से से कांपते हुए बोला "तो जाओ और जाकर उसके केबिन में पूछ कर आओ कि उसने फाइल कहां पर रखी है? एक तो ये लड़की काम करती कम है और बिगाड़ती ज्यादा है, मुझे मीटिंग में जाने के लिए देरी हो रही है और उस लड़की को भी बुलाकर लेकर आओ! उसे भी मेरे साथ मीटिंग में चलना…
उसकी बात पूरी होती उससे पहले सुशांत बोला "लेकिन पाखी मैडम तो आज ऑफिस आई ही नहीं!”
प्रणय ने गुस्से से पूछा “क्यों?”
सुशांत जल्दी से बोला "वो आज उनकी इंगेजमेंट है ना!”
प्रणय अब दांत पीसते हुए बोला "लेकिन वो इंगेजमेंट मेरे साथ है और जब मैं ऑफिस में हूं तो वो किस बात की लीव लेकर बैठी है?”
सुशांत अब डर से कांपते हुए बोला "वो तो नहीं पता सर लेकिन उन्होंने एक हफ्ते की लीव ली है, उन्होंने कहा कि अब वो शादी के बाद ही ऑफिस ज्वाइन करेंगी!”
प्रणय इरिटेट होते हुए बोला "This Bloody Girl… ये बोलते हुए उसने अपने फोन को अपने हाथ में लिया और फिर उस पर डफर लिखे हुए एक नंबर पर कॉल लगा दिया!
अगले ही पल गिलहोत्रा हाउस में फोन बजा जो किसी और का नहीं पाखी का ही था, उस पर मेरे होने वाले पतिदेव लिखा हुआ था! मतलब उसके फोन पर प्रणय का कॉल आ रहा था….
उसने जल्दी से कॉल रिसीव किया और बोली "हेलो!” ये बोलते हुए वो थोड़ी नर्वस भी हो रही थी।
सामने से प्रणय की गुस्से भरी आवाज आई “कहां हो तुम?”
पाखी ने हल्का सा अपने लोअर लिप को दबाया और बोली "आपके दिल में!”
प्रणय अब और भी ज्यादा फ्रस्ट्रेशन के साथ बोला "तो फिर मेरा मन कर रहा है कि मैं तुम्हें धक्का दे दूं और तुम सीधा खाई में जाकर गिरो!”
पाखी तुरंत बोली "आपके पेट में खाई है क्या? वैसे हो भी सकती है, उस दिन मैंने देखा था आपको जब आप उस दिन इवेंट में लंच कर रहे थे! आपने पूरी चार चपाती खाई थी… मुझसे तो दो भी नहीं खाई जाती, उस दिन मैंने हिसाब लगाया था कि अगर कभी हम दोनों अकेले रहेंगे तो मुझे आपके लिए खाना बनाना पड़ेगा, तो टोटल मुझे हम दोनों की छह चपाती बनानी पड़ेगी!”
उसकी बात पर प्रणय का मन तो ऐसा कर रहा था कि वो अपना ही फोन तोड़ दे या फिर अपना सिर फोड़ ले!
वो गुस्से से कांपते हुए बोला "अगर अभी आधे घंटे के अंदर अंदर तुम ऑफिस नहीं आई ना, तो तुम्हारे ये जो शादी के ख्वाब है ना वो मैं इतनी शिद्दत से पूरे करूंगा कि तुम याद रखोगी पाखी! मुझे आधे घंटे के अंदर अंदर तुम ऑफिस में चाहिए हो, वरना मैं मंडप में नहीं आ रहा… फिर तुम अपनी चपातियां बनाती रहना!”
ये बोलकर उसने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया और पाखी अपने फोन की तरफ देखती रह गई!
वो अब मुंह बनाते हुए बोली "कोई अपनी होने वाली बीवी को ऐसे डांटता है क्या?”
ये बोलकर उसने अपना नाक सिकोड़ लिया और फिर तुरंत बिस्तर से उठकर तैयार होने लगी!
लगभग से 10 मिनट में ही वो रेडी हुई और फिर जल्दी से बाहर निकलने लगी तो कामीनी जी उसे रोकते हुए बोली "अब तुम उठकर कहां चली?”
पाखी मुस्कुराई और बोली "अपने प्रणय जी के पास!” ये बोलकर वो वहां से बाहर निकल गई और कामिनी जी बस उसकी तरफ देखती रह गई!
वो भी अब मुंह बनाते हुए बोली "एक तो जब से इस लड़की की शादी तय हुई है, तब से इसके पर लग गए हैं और दूसरा मेरी बेटी पता नहीं कहां रह गई? सुबह 9:00 बजे उसकी फ्लाइट लैंड होने वाली थी! उसके डैड उसे लेने भी गए हैं और अब तक वो घर नहीं आई… ये बोलते हुए उन्होंने सामने वॉल क्लॉक की तरफ देखा!
वहीं दूसरी तरफ
पाखी का ऑटो राणा इंडस्ट्रीज के बाहर आकर रुका और वो जल्दी से अंदर की तरफ आई, ऐसा नहीं था कि गिलहोत्रा हाउस में गाड़ियां नहीं थी! वहां दो-तीन गाड़ियां थी लेकिन पाखी या तो राणा फैमिली की गाड़ी में ही ऑफिस आया जाया करती थी या फिर ऑटो से, वैसे तो उसके लिए राणा फैमिली की गाड़ी हमेशा आती थी लेकिन अब उसने लीव ले रखी थी तो उसे ऑटो में ही आना पड़ा और अब वो आधे घंटे से सिर्फ 2 मिनट ऊपर प्रणय के केबिन के बाहर पहुंची!
उसने बिना दरवाजा नॉक किए ही दरवाजा खोला और फिर गहरी गहरी सांसे लेते हुए प्रणय के सामने आकर खड़ी हुई, वो जितनी बुरी तरह से हांफ रही थी उसका सीना बार-बार ऊपर की तरफ उठ रहा था और उसके होठ खुले हुए थे!
प्रणय हैरानी से उसकी तरफ देखे जा रहा था!




















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