
नैना हैरानी से सामने की तरफ देख रही थी जहां पर उसके भाई और भाभी खड़े थे, उन्हें देखते हुए नैना की आंखों से आंसू बह रहे थे क्योंकि कहीं ना कहीं वो जानती थी कि अब वो रघु को नहीं रोक पाएगी! अगर योगेश और मैथिली रघु को मिलते ही नहीं तो शायद उनकी जान बच जाती लेकिन अब तो रघु उनका बुरा हाल करेगा और अब उसने अपनी आंसुओं से भरी हुई आंखों से रघु की तरफ देखा जो वही सामने की तरफ खड़ा था!
गौरी भी अब तक वहां पर आ चुकी थी और हैरानी से योगेश और मैथिली की तरफ देख रही थी, लेकिन जब उसने नैना की आंखों में आंसू देखे तो वो समझ गई थी कि अब रघु की तलाश खत्म हो गई है!




















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