
दक्षम, आराध्या के साथ रावत मेंशन के बीचों-बीच खड़ा था और उसकी कमर को सेडक्टिव वे में सहला रहा था। आराध्या का दिल ज़ोरों से धक-धक कर रहा था, क्योंकि दक्षम एक बार फिर से उसे पनिशमेंट देने की बात कर रहा था।
उसे तो समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर दक्षम को ये पनिशमेंट देने का इतना भी क्या ऑब्सेशन है कि वो इसके अलावा और कोई चीज़ सोचता ही नहीं है।




















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