
अग्नि की बात सुनकर इश्क की हार्टबीट एक पल के लिए स्किप हो गई थी, वो इश्क से कह रहा था कि उसे इश्क पर तब प्यार आता है जब इश्क़ सामने से बिना कोई जिद बिना कोई बहस किए उसकी बात चुपचाप मान लेती है!
इश्क अब अग्नि की तरफ देख रही थी और अग्नि कभी उसके चेहरे तो कभी उसके बदन की तरफ, धीरे-धीरे इश्क के बाकी सारे कपड़े भी उसके बदन से उतर गए थे।




















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