
अपने हाथ में पकड़ा हुआ लेटर पढ़कर प्रणय का चेहरा गुस्से से लाल हो चुका था, उसने अब अपने सामने खड़े एम्प्लॉई की तरफ देखा और गुस्से से दांत पीसते हुए बोला "तुम्हारा नाम क्या है?”
वो एम्प्लॉई अपनी आंखों पर आई अपनी जुल्फों को साइड करते हुए बोला "मोहनराज प्रेमदास राहुल अमर गांधी!”





















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