
पूरे रास्ते इश्क ने अपना चेहरा नीचे की तरफ झुकाए रखा क्योंकि वो नहीं चाहती थी अग्नि एक बार फिर से उसके आंसूओ की शिकायत करें कि वो बस रोती रहती है!
अब वो अपनी आंखों पर तो कंट्रोल नहीं कर सकती थी और ना ही दिल पर क्योंकि तकलीफ दिल को होती थी, तभी आंखों से आंसू बहते थे लेकिन वो अपना चेहरा तो नीचे झुका सकती थी इसलिए उसने अपना चेहरा ही नीचे झुका लिया ताकि ना अग्नि उसके आंसू देखे और ना ही उसे उसके आंसुओं से कोई शिकायत हो!






















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