
उसे गुस्से में बोलते हुए देखकर यज्ञ कुछ पल तो उसे देखता रहा लेकिन फिर उसने अपना सिर पीछे की तरफ टिकाया और फिर अपनी आंखें बंद की तो उसे कुछ याद आने लगा... मुझे आपके साथ जीना है... मैं आपके साथ जीना चाहती हैं...
ये कुछ शब्द याद करते हुए यज्ञ के चेहरे पर एक व्यंग भरी मुस्कुराहट आ चुकी थी..






















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