
इति को बहुत ज्यादा मिर्ची लग रही थी और ऊपर से यज्ञ को मुस्कुराते हुए देख तो उसका दिल भी जल रहा था। वो किसी तरह अपने मिर्ची को कम करने की कोशिश कर रही थी।
उसने जल्दी से टेबल पर रखा पानी का जग उठाया और उसे अपने होठों से लगा लिया लेकिन उसे पीते ही अगले ही पल वो पानी उसके मुंह से बाहर निकल गया क्योंकि वो सारा पानी बेहद नमकीन था वो पूरा नमक से भरा हुआ था।






















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