
प्रलय के जाने के बाद सृष्टि ने बेड की तरफ देखा जहां पर पाखी आराम से सोई हुई थी, वो सुबह की थकी हुई थी इसीलिए बिस्तर पर लेटते ही अब उसे नींद आ गई थी जबकि सृष्टि अभी भी अपनी जगह पर खड़ी थी लेकिन अब वो बिस्तर पर आई और आराम से दूसरी तरफ लेट गई!
उसने अपना हाथ पाखी के सिर पर रखा और फिर मुस्कुराते हुए बोली "पता नहीं कब तुम दोनों की गाड़ी पटरी पर आएगी? कहीं ऐसा ना हो कि तुम्हारी गाड़ी पटरी पर लाते लाते मेरे Destroyer का दिमाग घूम जाए, अगर वो सच में तबाही लाने पर आ गए ना फिर तो तुम और तुम्हारे ओ जी दोनों की खैर नहीं!”





















Write a comment ...