
पाखी बहुत अच्छी तरह से प्रणय की बातों को समझ रही थी।
सृष्टि उसकी तरफ देखते हुए बोली "अब तुम क्यों उसे परेशान कर रही हो? मुश्किल से तो वो रास्ते पर आया है! थोड़ा बहुत तुम्हारे बारे में सोचने लगा है, तुम्हारी बातों से उसे इफेक्ट पड़ने लगा है और तुम हो कि उसे और सुना रही हो!”





















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