
अर्णव ने जैसे ही दरवाजा खोलकर पाखी को अंदर की तरफ धक्का दिया पाखी लड़खड़ाते हुए अंदर की तरफ गिरी, लेकिन वो जमीन पर गिरती उससे पहले ही किसी ने उसे अपनी बाहों में संभाल लिया था और वो शख्स अब बेहद गुस्से से अर्णव की तरफ देख रहा था।
अर्णव के होश उड़ चुके थे, उसने सोचा भी नहीं था कि वो इंसान यहां तक पहुंच सकता है और वो इंसान कोई और नहीं खुद प्रणय था!





















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