
आराध्या बुरी तरह से रोए जा रही थी, लेकिन दक्षम को शायद उसके रोने से कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था! उसकी आंखें पूरी तरह से बंद थी और उसके हाथों पैरों में भी बिल्कुल जान नहीं थी, आराध्या यूं ही उसकी तरफ देखते हुए रोए जा रही थी और अपने दिल की बातें कहे जा रही थी।






















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