
प्रणय का हाथ इस वक्त पाखी की लोअर बॉडी पर था और वो अपनी उंगलियों से उसके Pussy लिप्स के साथ खेले जा रहा था, पाखी का दिल जोरो से धक धक कर रहा था! वो सिसकियां भर रही थी, वो प्रणय को रोकना चाहती थी लेकिन रोक भी नहीं पा रही थी! उसे इस वक्त बहुत कुछ फील हो रहा था और अब धीरे-धीरे प्रणय की उंगलियां उसके Pussy लिप्स को खोलते हुए अंदर की तरफ सरकने लगी थी।
पाखी ने अपने हाथ उसके कंधों पर पूरी तरह से कस दिए थे, प्रणय उसके चेहरे पर छाई हुई बेताबी देख रहा था और अब उसने अपनी उंगलियों को थोड़ा और अंदर की तरफ सरकाया!





















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