
मोहिनी जी की बात सुनकर ही स्तुति ने अपने हाथों को पीछे की तरफ छुपा लिया था और अब मोहिनी जी की नजरे उस पर और भी ज्यादा गहरी हो गई थी! वो उसके हाथों की तरफ ही देख रही थी…
स्तुति उनके पास जाती उससे पहले ही मोहिनी जी उसके सामने आकर खड़ी हुई और उसके हाथों की तरफ देखते हुए बोली "तूने अपने हाथ पीछे क्यों छुपा लिए?”





















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