
लक्षिता की बातें सुनकर चित्रांशी हैरानी से उसकी तरफ देख रही थी, उसे तो समझ में नहीं आ रहा था कि लक्षिता अब कौन सी फेंटेसी की बात कर रही है? और अब वो मुस्कुराते हुए बोली "तुम्हें पता है मैंने हमेशा से एक ख्वाब देखा था कि जब भी मेरी शादी होगी तो मैं लव मैरिज करूंगी और मैं लव मैरिज भी भाग कर करूंगी और अब वक्त आ गया है कि मैं अपनी इस फेंटेसी को पूरा करूं!”
चित्रांशी ने अपने सिर पर अपना हाथ रखा और बोली "मुझे चक्कर आ रहे है दीदी, ये आप क्या बोल रहे हो? आप ऐसे कैसे भागने की बात कर सकती हो? बाहर शादी का मंडप लगा हुआ है! सब लोग आपका इंतजार कर रहे हैं और आप भागने की बात कर रही हो? जब आपको विहान जीजू से ही शादी करनी है तो इसमें भागने की क्या जरूरत है?”





















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