
लक्षिता की बातें सुनकर चित्रांशी का दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था, चित्रांशी तो यही सोच कर बैठी थी कि अब मित्तल मेंशन से उसका पीछा छूटा! अब उसे संगम के साथ नहीं रहना पड़ेगा लेकिन ये जानकर कि वो यहां पर सिर्फ एक रस्म के लिए आए थे और अब उन्हें वापस मित्तल मेंशन जाना है चित्रांशी को अपना दिल जोरो से धक-धक करता हुआ महसूस हो रहा था।
उसने अपने सीने पर अपना हाथ रखा और फिर मायूस सा चेहरा बनाकर बोली "मैं नहीं जाऊंगी वापस वहां पर, मुझे नहीं पता मुझे यही रहना है! अगर आपको वहां पर जाना है तो आप बेशक से जाइए, आपको तो विहान जीजू पसंद है! आपकी तो लव मैरिज है तो आपको तो कोई प्रॉब्लम नहीं होगी लेकिन मेरी तो बेफालतू मैरिज है ना तो मुझे इस शादी में नहीं रहना, मुझे वहां पर नहीं जाना और आप लोग मेरे साथ जबरदस्ती भी नहीं कर सकते! खबरदार अगर आप लोगों ने मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश भी की तो…





















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