
संगम का गुस्सा देखकर स्नेहा को भी डर लगने लगा था, उसने तुरंत संगम के कंधे पर अपना हाथ रखा और बोली "शांत हो जाओ बेटा!”
चित्रांशी गुस्से से मुंह बनाते हुए बोली "आप तो ये नाटक मत ही कीजिए! मुझे बहुत अच्छी तरह से पता है आप तो खुश हो रही होंगी ये देखकर कि Mr Separate Mittal मुझ पर फिर से गुस्सा कर रहे हैं, आप सामने से अच्छी बनती हो अंदर से तो आप बहुत गंदे दिल की हो! सच में बहुत बुरी हो आप…























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