
चित्रांशी और संगम दोनों एक दूसरे की तरफ देख रहे थे, संगम के गले में पहनी हुई चैन चित्रांशी के मंगलसूत्र से उलझ गई थी इसलिए वो ऊपर की तरफ नहीं उठ पा रहा था और अब उसने अपना एक हाथ उसके मंगलसूत्र पर रखा और बोला "मैं इसे निकाल देता हूं!”
चित्रांशी ने तुरंत उसे रोकते हुए कहा “बिल्कुल भी नहीं! आप मेरा मंगलसूत्र क्यों निकालोगे? अगर आपको कुछ निकालना ही है तो आप अपनी चैन निकालो, मैं अपना मंगलसूत्र आपको नहीं उतारने दूंगी! मॉम ने कहा था कि शादीशुदा लड़की के लिए मंगलसूत्र बहुत जरूरी होता है और इसे गले से निकालना नहीं होता!”





















Write a comment ...