
चित्रांशी का दिल जोरो से धक धक कर रहा था! संगम जिस तरह से उसके करीब आ रहा था और अभी-अभी संगम ने उसके मुंह से जो सारी बातें सुनी थी उसके बाद संगम पता नहीं किस तरह रिएक्ट करेगा? कहीं वो गुस्से में उसे जमीन के अंदर ही ना गाड़ दे या फिर कंधे पर उठाकर सीधा बालकनी से नीचे ना गिरा दे, ये सोच सोच कर चित्रांशी की जान निकल रही थी और संगम अब उसके बिल्कुल करीब आकर बेड की तरफ देखने लगा जहां पर वो नाइटी रखी थी जो स्नेहा ने उसके लिए भिजवाई थी।
चित्रांशी ने तुरंत उस नाइटी को अपने पीछे छुपाया और बोली "वो ये मेरे पुराने कपड़े हैं, पता नहीं कैसे यहां पर आ गए? मैं सोच रही हूं कि इन्हें वापस बंसल हाउस भिजवा दूं!”





















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