
स्तुति अपनी बात कह कर बिस्तर पर लेट चुकी थी और उसने ब्लैंकेट भी ऊपर तक डालते हुए अपना चेहरा छुपा लिया था क्योंकि इस वक्त उसकी आंखों से आंसू तेजी से बह रहे थे, वो अपने आंसुओं को रोकना चाहती थी लेकिन आंसू कमबख्त उसकी बात बिल्कुल नहीं सुन रहे थे लेकिन रिदांश ऐसे ही उसे सोने नहीं दे सकता था क्योंकि डॉक्टर ने स्पेशली कहा था कि स्तुति का ढंग से खाना पीना बहुत जरूरी है! उसमें काफी वीकनेस है और जिस तरह मेंटली स्ट्रेस से वो गुजर रही है ऐसे में अगर उसने ढंग से खाया पिया नहीं तो कुछ भी हो सकता है!
वो अब आगे की तरफ आया और फिर अगले ही पल उसने स्तुति के ऊपर से ब्लैंकेट हटा दिया तो उसकी नजर स्तुति के चेहरे पर गई जो पूरी तरह से गीला हो चुका था, रो-रो कर उसकी ऐसी हालत हो गई थी कि उसकी सांसे भी अटकने लगी थी।





















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