
रिदांश की बातें सुनकर अब तो स्तुति को चक्कर ही आने लगे थे, उसने तो सोचा भी नहीं था कि कभी वो रिदांश की ऐसी साइड भी देखेगी! कहां वो रिदांश जो हर वक्त उसे सुनाने का मौका ढूंढता रहता था, वो जरा सा उसे हाथ भी लगाए तो रिदांश तो उस पर ना जाने कैसे-कैसे इल्जाम लगा देता था और कहां ये रिदांश जो निशांत के लिए इतना सब कुछ कर रहा था! उस बच्चे के लिए जिससे उसका कोई रिश्ता नहीं था…
सरगम जल्दी से बोली "सब कुछ रेडी हो गया है रिदांश! बस 15-20 मिनट लगेंगे इन्हें सब सेटअप करने में, तब तक निशांत तुम्हारे रूम में रह सकता है!”





















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