
अधिराज धड़कन के बालों को सहला रहा था और कुछ ही देर में धड़कन गहरी नींद में चली गई थी, वो हद से ज्यादा इरिटेट और गुस्से में थी क्योंकि आज निर्मला जी की वजह से उसने खुद को ही चोट पहुंचाई थी! लेकिन अधिराज ने जिस तरह से उसके बालों को सहलाया उसे काफी सुकून मिला था इसलिए वो इतनी जल्दी सो गई थी।
उसके सोने के बाद अधिराज अपनी जगह से ऊपर की तरफ उठा और फिर अगले ही पल उसने बड़े ही प्यार से धड़कन का माथा चूम लिया, धड़कन नींद में ही हल्का सा कसमसाई और अधिराज के ही सीने से लग गई!





















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