
यज्ञ हैरानी से इति को देख रहा था और इति उसकी पेंट को खींच रही थी। वो इस वक्त पूरे गुस्से में थी और जिस तरह से वो यज्ञ के साथ जबरदस्ती कर रही थी, यज्ञ को ना सिर्फ हंसी आ रही थी बल्कि हैरानी भी हो रही थी। उसके वाली दिमाग से पैदल है? ये तो वो जानता था लेकिन इतनी पैदल होगी इस बात का अंदाजा उसे बिल्कुल नहीं था। वो उसके हाथ में से अपनी पेंट छुड़वाते हुए बोला " ये क्या कर रही हो तुम?"






















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