
सिकंदर की बात सुनकर नाज़नीन का दिल धक सा रह गया था, पहले उसे लग रहा था कि शायद सिकंदर को कहीं ना कहीं गिल्टी फील हो रहा होगा कि उसने समर की जान ली!
लेकिन उसकी बात से इतना क्लियर हो गया था कि उसे कोई गिल्टी फील नहीं हो रहा था और ऊपर से अब सिकंदर जिस तरह से उसके साथ इंटीमेट हो रहा था।






















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