
रिदांश और स्तुति दोनों इस वक्त पूरी तरह एक दूसरे की बाहों में सिमटे हुए थे, स्तुति की आंखों से आंसू बह रहे थे लेकिन रिदांश ने जिस तरह से उसे अपनी बाहों में समेटा हुआ था उसकी आंखों से आंसू बहना बंद हो चुके थे! वो आज पहली बार इतना ज्यादा सुकून महसूस कर रही थी…
रिदांश ने अब उसे वापस सामने की तरफ घुमाया और वो फाइल जिस पर उसे स्तुति के साइन चाहिए थे वो उसके सामने दोबारा कर दी, स्तुति ने अपने हाथ में पेन लिया! अभी भी उसका हाथ थोड़ा कांप रहा था लेकिन रिदांश ने उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिया था।























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