
चित्रांशी जैसे ही ड्राइवर के साथ बैक सीट पर बैठी ड्राइवर के गाड़ी चलाने से पहले ही किसी ने गाड़ी का दरवाजा खोला, चित्रांशी तुरंत बाहर की तरफ देखने लगी जहां कोई और नहीं संगम खड़ा था और गुस्से से उसे घूर रहा था!
उसकी गुस्से से घूरती हुई नजरे खुद पर महसूस कर चित्रांशी डर गई थी, वैसे भी कुछ देर पहले रूम में जो कुछ हुआ उसके बाद उसका मूड बहुत ज्यादा ऑफ था और संगम से डर तो उसे लगता ही था! क्या पता वो कब उसके हाथों पैरों को बांध दे और उसे मित्तल मेंशन से बंसल हाउस फेक आए…























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