
यज्ञ की बात सुनकर, इति ने उसके हाथ अपने उपर से हटाए और उसकी तरफ घूमकर उसकी आंखों में देखते हुए बोली " मुझे नहीं पता तुम्हें क्या सच लग रहा है और क्या झूठ ?? लेकिन I really love you...उसकी बात सुनकर यज्ञ मुस्कराने लगा।
अब उसे अपनी बातों पर यकीन हो गया था... पता तो उसे पहले भी था कि इति भी अब धीरे धीरे उससे प्यार करने लगी है लेकिन जब भी वो उसे ये बात कहती थी तो उसकी आंखों में देखकर नहीं कहती थी लेकिन आज उसने उसकी आंखों में देख कर आई लव यू कहा और उसकी आंखें झूठ नहीं बोल रही थी।






















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