
जब रघु के मजाक से नैना रोने लगी तो रघु ने तुरंत उसका चेहरा अपने हाथों में थाम लिया था, वो अब उसे प्यार से दुलार रहा था! कभी उसके चेहरे को चूम रहा था तो कभी उसकी आंखों के साथ उसके नाक और उसके होठों को, उसका प्यार महसूस कर नैना की आंखों से भी आंसू बहना बंद हो गए थे! वो बस उसकी गोद में सिमटी हुई थी और रघु ने उसे पूरी तरह अपनी बाहों में समा लिया था!
कुछ देर उसने यूं ही नैना को अपनी बाहों में रखा तो नैना की नींद से आंख लग गई थी, वो पूरी रात ढंग से सो नहीं पाई थी और दोपहर में भी रघु की धमकियों से डर कर वो कहां चैन से रेस्ट कर पाई इसीलिए अब उसे नींद आ गई थी!























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