
मुंबई,
धड़कन की गाड़ी एक झटके से रुकी तो उसने तुरंत पलट कर पीछे की तरफ देखा, लेकिन सिवाय अंधेरे के उसे पीछे कुछ नजर नहीं आ रहा था और जिस तरह से गाड़ी पंचर हुई थी ऐसा लग रहा था जैसे ये कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि कोई सोची समझी साजिश है!


मुंबई,
धड़कन की गाड़ी एक झटके से रुकी तो उसने तुरंत पलट कर पीछे की तरफ देखा, लेकिन सिवाय अंधेरे के उसे पीछे कुछ नजर नहीं आ रहा था और जिस तरह से गाड़ी पंचर हुई थी ऐसा लग रहा था जैसे ये कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि कोई सोची समझी साजिश है!

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