
अग्नि की बातें सुनकर इश्क को जो सुकून मिला था वो बता नहीं सकती थी कि वो सुकून उसे कितनी ठंडक महसूस करवा रहा था
उसने अपने हाथ अब बिस्तर पर आराम से रख दिए थे और खुद को पूरी तरह अग्नि को सौंप दिया था!


अग्नि की बातें सुनकर इश्क को जो सुकून मिला था वो बता नहीं सकती थी कि वो सुकून उसे कितनी ठंडक महसूस करवा रहा था
उसने अपने हाथ अब बिस्तर पर आराम से रख दिए थे और खुद को पूरी तरह अग्नि को सौंप दिया था!

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