
मित्तल मेंशन, स्नेहा हैरानी से सामने दरवाजे की तरफ देख रही थी, जहां पर अंगद आकर खड़ा हुआ था। अंगद को वहां देखकर स्नेहा हैरान थी, क्योंकि अंगद के कदम हल्के-हल्के लड़खड़ा रहे थे और उसकी आंखें भी बहुत अजीब लग रही थीं, एकदम गहरी लाल और नशे से भरी हुई। उसे यूं देखते हुए स्नेहा की हार्टबीट भी एक पल के लिए स्किप हो गई थी। वो तुरंत बिस्तर से उठी।
वहीं अंगद अंदर आते हुए बोला, "तनु, तुम उठ क्यों गई? मैंने तुम्हारी नींद खराब कर दी ना। आई एम सो सॉरी, तनु। मैं तुम्हारी नींद खराब नहीं करना चाहता था, लेकिन क्या करूं? शायद मेरे पैरों की आवाज तुम तक आ गई। तुम भी तो कितनी बेचैन रहती हो मेरे बिना, ज़रा-सी आवाज हो तो तुम्हारी आंख खुल जाती है।"























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