
मित्तल मेंशन
अंगद इस वक्त हद से ज्यादा बेचैन हो रहा था क्योंकि उसने स्नेहा की बातें भी सुनी थी और उसका मन कर रहा था कि वो स्नेहा को उसके मायके लेकर जाए, अगर स्नेहा को उसके भाई के साथ होली खेलने का मन है! वो बचपन से अपने भाई के साथ होली खेलते आई है तो आज भी उसे अपने भाई के साथ होली खेलने का मौका मिलना चाहिए, लेकिन अगर वो खुद बाहर जाएगा तो स्नेहा उसे रंग लगाएगी और उसे भी स्नेहा को रंग लगाना पड़ेगा ये सोच सोच कर उसके दिल की धड़कन बढ़ रही थी!























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