
रिदांश स्तुति के पूरे चेहरे को चूम रहा था, वो कभी उसके गालों पर अपने होठ रखता तो कभी उसकी आंखों पर और कभी उसके होठों को अपने होठों से छू लेता!


रिदांश स्तुति के पूरे चेहरे को चूम रहा था, वो कभी उसके गालों पर अपने होठ रखता तो कभी उसकी आंखों पर और कभी उसके होठों को अपने होठों से छू लेता!

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